27 नवंबर 2024 - 10:09
ईरान के डर से सीज़फायर को राज़ी हुए नेतन्याहू

नेतन्याहू सीज़फायर का पहला कारण बताते हुए कहा कि हिज़्बुल्लाह के साथ संघर्ष विराम समय की मांग है क्योंकि ज़ायोनी सेना फिलहाल ईरान से मिलने वाली चुनौती पर ध्यान केंद्रित करना चाहती है।

इस्राईल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू जहाँ वैश्विक दबाव पड़ने के बाद भी ग़ज़्ज़ा में जनसंहार रोकने केलिए तैयार नहीं दिख रहे वहीँ ईरान की ओर से जवाबी हमलेके बढ़ते खतरे के बीच लेबनान में हिज़्बुल्लाह से सीज़फायर के लिए राज़ी हो गए हैं। 

इस समझौते के बाद हिज़्बुल्लाह और ज़ायोनी शासन एक दूसरे पर हमला नहीं करेंगे। सबसे खास बात यह है कि दोनों के बीच 60 दिनों के लिए सीजफायर पर सहमति बन गई है। नेतन्याहू सीज़फायर का पहला कारण बताते हुए  कहा कि हिज़्बुल्लाह के साथ संघर्ष विराम समय की मांग है क्योंकि ज़ायोनी सेना फिलहाल ईरान से मिलने वाली चुनौती पर ध्यान केंद्रित करना चाहती है। 

साथ ही नेतन्याहू ने दूसरा कारण बताते हुए कहा कि इजरायली सेना के हथियारों के भंडार को फिर से भरने की जरूरत है,  इसमें छिपाने वाली कोई बात नहीं है कि हथियारों और गोला-बारूद की डिलीवरी में काफी देरी हुई। हमें अभी और उन्नत हथियारों की आपूर्ति की जानी है।